Sunday, August 16, 2009

सोफिया का स्वयंवर

तो बात ये है की हमारे पड़ोस में एक आंटी जी हैं जिन्होंने guinea pig और खरगोश पाल रखे हैं जो बाग़ में खूब अठ्खेलियां करते हैं | खरगोश थोड़ा नई है तो guinea pig उसका तिरस्कार करके भगा देते हैं, तो अब उस अकेली बेचारी मायूस खरगोश के लिए एक जीवन साथी ढूँढा जा रहा है, जीवनसाथी डाट काम पे क्या इंसान छोड़ा और जानवरों का भी मेल होता है? होता हैं तो वहाँ तो देखा ही जाएगा पर पाठकों से निवेदन है की उनकी नज़र में कोई सुंदर, सुशील, अच्छी कद काठी वाला झबरीला बांका नर खरगोश हो तो एक ठो फोटू (और bio data) सहित हमे contact करें|

आपके लिए सोफिया की फोटू हाजिर है



अंकल जी की कितनी सेवा करती हैं ये तो पता नही पर खरगोश के दिल की धड़कनें तो आंटी को दूर दूर तक सुनाई दे जाती है, उसकी वो सूनी विरह की वेदना से लिप्त आँखें बर्दाश्त के बाहर है| जब उनके रख रखाव और साफ़ सफाई के बारे में पूछा गया तो पता चला मादा खरगोश तो बहुत साफ़ रहती है, guinea pig भी वैसे तो साफ़ ही रहते हैं पर कभी कभार आंटी को उनके पिछवाडे पानी से धोने पड़ते हैं! क्या विडम्बना है आदमी अपने पिछवाडे तो सादे कागज़ से पोंछता है और अति प्रीय guniea pig को मिलता है सिर्फ़ पानी! खैर राखी को तो उसका जीवन साथी मिल ही गया है देखते हैं बेचारी मादा खरगोश को उसका मन चाहा वर मिलेगा की नही

Update:
पाठकों को ये बताते हुए बड़ी खुशी हो रही है की सोफिया का जीवन साथी ढूँढ लिया गया है, गोरा चिट्टा सा एक handsome नर खरगोश जिसकी आँखें नीली नीली हैं और नाम है सिम्बा, विडम्बना का कोई अंत नही खरगोश का नाम सिम्बा! सोफिया और सिम्बा दोनों आधुनिक ख्यालों के हैं तो पाठक अभी शादी की आस न बाधें अभी उन्हें एक दूसरे के बारे में जानना है, शादी तो होती रहेगी

5 comments:

A said...

maha LOL

Ashish said...

kya kisi ne kabhi us mada khargosh k dil ki baat poochi hai....
asal mein use ek aur mada hi chahiye... kya gay marriages sirf insaaan hi kar sakta hai.. janwar nahi... ye anyaay hai...

puneet@FSL said...

@ashish
yaar mada gay kaise hogi ????

FailedGod said...

apni aunty ji ko bol dena ki neutered male rabbit ke liye ad nikaalein....kahi tandrust aur 'active' rabbit aa gaya, to jansankhya visfot ho jaayega!
btw, on a separate note, 'jansankhya visfot' reminds of our old DD-1, which used this term in population control ads and used to explain it with a bomb blast. Everytime, I used to think, that there will 'really' be an explosion.

TheQuark said...

@A: dhanyawaad

@Ashish: Ab tumhe kaise pata chala sophiya ka orientation? baba ramdev se poochna padega kya yoga se khargosh ki samlaingikta mitai ja sakti hai?

@puneet: kyun nahi ho sakti? Gay to ek general sa shabd hai jo dono genders ke liye use kiya ja sakta hai

@FailedGod: Are haan ab to simba aane wala hai, khargosh-sankhya ke visfot ka khatra to sahee mein serious problem hai. Aisa karte hain jab simba aur sophia ka milan hoga to unhe DD ke family planning wale video dikhayegne:

Chhota parivar sukhi parivar
Hum do hamare do

(Issued in interest of general public and private rabbits)